काठमांडू। नेपाल में भारतीय पर्यटकों की बस पर हमला किया गया। हमलावरों ने बस के शीशे तोड़ दिए। साथ ही यात्रियों से लूटपाट की। पर्यटक पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करके लौट रहे थे। हमले में कई पर्यटक घायल भी हुए हैं। सभी पर्यटक आंध्र प्रदेश से थे।
नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ चल रहे जेन जी के प्रदर्शन का सामना भारतीय पर्यटकों को भी करना पड़ा। आंध्र प्रदेश के श्रद्धालु पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करने काठमांडू गए थे। श्रद्धालु यूपी नंबर से पंजीकृत बस में सवार थे। बस ड्राइवर राज ने बताया कि जब बस भारत की ओर वापस लौट रही थी तो भीड़ ने हमला कर दिया।
बस के एक कर्मचारी ने बताया कि हमलावरों ने पत्थरों से बस के सारे शीशे तोड़ दिए और सामान लूट लिया। बस क्षतिग्रस्त हालत में गुरुवार शाम को उत्तर प्रदेश में महाराजगंज के पास सोनौली बॉर्डर पर पहुंची। हमले में सात से आठ यात्री घायल हो गए। नेपाली सेना के जवान मदद के लिए आए। घायल यात्रियों का इलाज कराया जा रहा है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि दंगा प्रभावित देश में लगभग 200 तेलुगु लोग फंसे हुए हैं।
नेपाल में क्या हुआ
नेपाल में सैकड़ों आंदोलनकारी भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत के बाद प्रदर्शकारी इस्तीफे की मांग करते हुए उनके कार्यालय में घुस गए। इस बीच सोशल मीडिया पर प्रतिबंध भी सोमवार रात हटा लिया गया। मंगलवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। वहीं सेना ने कर्फ्यू लगा दिया। वहीं सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, घायलों को संख्या 1,300 से अधिक है।