नई दिल्ली। मोदी सरकार की केंद्रीय कैबिनेट ने रक्षाबंधन से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में शुक्रवार को एलपीजी सब्सिडी के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लिए ₹12,060 करोड़ मंजूरी दी गई।
वहीं, सस्ती रसोई गैस के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसके अलावा तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए 42 हजार करोड़ की मंजूरी दी गई। सब्सिडी देने का उद्देश्य बाजार की कीमत से कम कीमत पर रसोई गैस बेचने वाली सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में देश भर के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। 1 जुलाई तक, भारत में लगभग 10.33 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन हैं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों को प्रति वर्ष 9 रीलों (और 5 किलो के सिलेंडर के लिए आनुपातिक रूप से) तक 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी को मंजूरी दे दी है। इस पर 12,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।” भारत अपनी एलपीजी ज़रूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है।
मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु में मरिक्कनम–पुडुचेरी (46 किमी) मार्ग को चार लेन में विकसित करने की मंजूरी दी, जिसे ₹2,157 करोड़ की कुल पूंजी लागत पर निर्मित किया जाएगा।
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