रायपुर। अभनपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण मुआवजे में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्तमान डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे और तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण को गिरफ्तार कर लिया है। घोटाले की अवधि के दौरान दोनों अधिकारी अभनपुर में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे। लंबे समय से दोनों की तलाश की जा रही थी।
जांच में सामने आया है कि जमीन के बड़े हिस्सों को पिछली तारीखों में परिवार के सदस्यों के नाम छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अधिक मुआवजा प्राप्त किया गया। कुछ मामलों में मृत व्यक्तियों और फर्जी वारिसों के नाम पर भी मुआवजा राशि निकाली गई। EOW के अनुसार घोटाले की राशि लगभग 32 करोड़ से 62 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है।
इस मामले में तत्कालीन अभनपुर एसडीएम और वर्तमान अपर कलेक्टर निर्भय साहू को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि उनकी गिरफ्तारी की अब तक पुष्टि नहीं हुई है और वे फरार बताए जा रहे हैं।
घोटाले में कई पटवारियों की भूमिका भी सामने आई है, जिनमें दिनेश पटेल और जितेंद्र साहू सहित अन्य शामिल हैं। अक्टूबर 2025 में तीन पटवारियों को गिरफ्तार किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की है। छापेमारी के दौरान नकदी और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
इससे पहले इस घोटाले के कथित मास्टरमाइंड हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।