दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण की शुरुआत माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के उल्लेख से की और कहा कि यह बजट देश के लिए शुभ अवसरों के बीच पेश किया जा रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने हमेशा दिखावे की बजाय जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हर निर्णय में आम लोगों के हितों का ध्यान रखा गया है.
लगातार सुधारों से तेज़ आर्थिक विकास
सरकार द्वारा किए गए लगातार आर्थिक सुधारों और नीतियों के परिणामस्वरूप देश ने 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल की है.
विकसित भारत की ओर अग्रसर
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अब ‘विकसित भारत’ की दिशा में विश्वास से भरे कदम आगे बढ़ा रहा है और यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने में सहायता देने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं.’
Budget 2026 में सर्विस सेक्टर के लिए हाई‑पावर्ड स्थायी समिति बनाने का बड़ा ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मैं ‘Education to Employment and Enterprise’ नाम की एक हाई‑पावर्ड स्टैंडिंग कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखती हूं, जो सर्विस सेक्टर को ‘विकसित भारत’ का मुख्य ड्राइवर बनाने के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिश करेगी. हमारा लक्ष्य है कि 2047 तक भारत का सर्विस सेक्टर में वैश्विक हिस्सा 10% तक पहुंचे.
यह समिति वृद्धि, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी. उभरती तकनीकों, खासकर AI, का नौकरियों और स्किल्स पर प्रभाव आंकेगी और आवश्यक नीतिगत उपाय सुझाएगी.