छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी से शुरू होगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान, 1.58 करोड़ लोगों को दवा सेवन का लक्ष्य

रायपुर।छत्तीसगढ़ को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में आगामी 10 फरवरी 2026 से सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के तहत राज्य के 18 जिलों के 65 विकासखंडों में लगभग 1 करोड़ 58 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
एमडीए कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य भवन, अटल नगर, रायपुर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में 7 जिलों के जिला मलेरिया अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, वी.बी.डी. सलाहकार एवं तकनीकी सुपरवाइज़र शामिल हुए।


कार्यशाला को संयुक्त निदेशक, एनसीवीबीडीसी, भारत सरकार डॉ. रिंकू शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए शत-प्रतिशत लाभार्थियों को दवा का सेवन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, क्षेत्रीय संचालक डॉ. संदीप जगदंड, राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जीतेन्द्र कुमार, भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), WJCF, PCI एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटेजी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।


जानकारी दी गई कि 15 जिलों—रायपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद, बिलासपुर, मुंगेली, जीपीएम, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, बालोद एवं रायगढ़—में तीन दवाओं (आईवरमेक्टिन, डीईसी एवं एल्बेंडाजोल) के माध्यम से उपचार किया जाएगा। वहीं बस्तर, राजनांदगांव एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में डीईसी व एल्बेंडाजोल दवाएं दी जाएंगी।
अभियान के दौरान बूथ लगाकर एवं घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अपने सामने दवा सेवन कराया जाएगा। यदि कोई लाभार्थी छूट जाता है तो दोबारा जाकर उसे दवा खिलाई जाएगी।
प्रशिक्षण सत्रों में माइक्रोप्लानिंग, रिपोर्टिंग, औषधि एवं लॉजिस्टिक प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था, सामाजिक जागरूकता, मीडिया समन्वय एवं अंतरविभागीय सहयोग पर विशेष जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अभियान के दौरान दवाओं का सेवन अवश्य करें, ताकि “स्वस्थ छत्तीसगढ़ की पहचान – फाइलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़” का लक्ष्य साकार हो सके।